आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की माँ पर किसानों को पिस्टल से धमकाने का आरोप, एफआईआर दर्ज

आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की माँ पर किसानों को पिस्टल से धमकाने का आरोप, एफआईआर दर्ज

आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की माँ पर किसानों को पिस्टल से धमकाने का आरोप

महाराष्ट्र के पुणे जिले के मुलशी तालुका में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसमें एक प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की मां, मनोरा खेडकर पर किसानों को पिस्टल से धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसके बाद इस मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया है।

मुलशी तालुका में मनोरा खेडकर और वहाँ के कुछ किसानों के बीच एक तीखी बहस हुई थी। यह बहस इतनी बढ़ गई कि मनोरा खेडकर ने अपनी पिस्टल निकाल ली और किसानों को धमकाना शुरू कर दिया। यह पूरी घटना लगभग दो मिनट के वीडियो में कैद हो गई, जिसमें साफ-साफ देखा जा सकता है कि मनोरा खेडकर उग्र रूप से पिस्टल लेकर किसानों को धमकाते नजर आ रही हैं।

इस मामले में तुरंत ही पुलिस ने कार्रवाई की और मनोरा खेडकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 323 (चोट पहुँचाने के लिए सजा), 504 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान), और 506 (धमकी देने की सजा) के तहत दर्ज की गई है। इसके अलावा मामला में आर्म्स एक्ट के तहत भी आरोप शामिल हैं।

वीडियो के वायरल होने से मामला गरमाया

घटना का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर इस पर जोरदार चर्चा शुरू हो गई। कई लोग इस घटना की निंदा कर रहे हैं और प्राथमिक स्तर पर यह मुद्दा काफी गरमा चुका है। पुलिस ने यह भी जाँच शुरू कर दी है कि मनोरा खेडकर के पास पिस्टल लाइसेंस था या नहीं।

यह घटना उस समय की है जब महाराष्ट्र की 2023 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर पहले से ही विवादों में घिरी हुई हैं। उन पर आरोप है कि वे अपने पद और शक्ति का दुरुपयोग कर रही हैं और खुद को विभिन्‍न तरीकों से विकलांग बताते हुए सुविधाओं का अनुचित लाभ उठा रही हैं।

पुलिस की जाँच प्रक्रिया

पुलिस की जाँच प्रक्रिया

पुणे जिले की पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और तुरंत ही जाँच का आदेश दिया है। पुलिस का कहना है कि वे सभी तथ्यों की जांच करेंगे और यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि क्या वास्तव में मनोरा खेडकर ने किसानों को पिस्टल से धमकाया था और क्या उनके पास पिस्टल रखने का लाइसेंस था।

पुलिस सभी पक्षों से इस मामले की जाँच कर रही है और जिन लोगों ने यह वीडियो बनाया था, उनसे भी पूछताछ कर रही है। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि अगर मनोरा खेडकर के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो उन्हें कानून के अनुसार सजा दी जाएगी।

समाज में इस घटना का असर

मुलशी तालुका में इस घटना के बाद समाज में काफी उथल-पुथल मची हुई है। कई लोग इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इस मामले को सत्ताधारी नेताओं के प्रभाव का उदाहरण मान रहे हैं और कहा जा रहा है कि अमीर और प्रभावशाली लोग अपने फायदे के लिए कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं।

यह मामला सामाजिक न्याय और कानून के शासन के महत्व को भी रेखांकित करता है। इस घटना ने इस सवाल को भी जन्म दे दिया है कि क्या हमारे समाज में सभी लोगों के लिए न्याय समान रूप से उपलब्ध है?

बयान और प्रतिकृया

बयान और प्रतिकृया

इस मामले पर पूजा खेडकर की भी प्रतिक्रिया आनी बाकी है। हालांकि, कुछ सूत्रों का कहना है कि प्रचार और मीडिया की वजह से इस मामले का गलत चित्रण किया जा रहा है और सच्चाई इससे कुछ अलग हो सकती है।

इसके अलावा, किसानों और अन्य स्थानीय लोगों ने भी इस घटना के बाद से सुरक्षा की मांग करते हुए प्रशासन से मदद मांगी है। वे चाहते हैं कि उनके साथ इस तरह की घटना दोबारा न हो और उन्हें अपने खेतों में सुरक्षित रहने का अधिकार मिले।

आगे की कार्रवाई

घटना के बाद पुलिस ने सभी साक्ष्यों को इकट्ठा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। वे सभी संबंधित पक्षों से बयान ले रहे हैं और इस घटना के पीछे के सत्य को उजागर करने की कोशिश कर रहे हैं।

यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे की जांच में क्या खुलासे होते हैं और इस मामले का नतीजा क्या निकलता है। फिलहाल, सभी की निगाहें पुलिस की जांच और प्रशासनिक कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।

कुल मिलाकर, यह घटना न केवल एक विवादास्पद मामले का प्रतिनिधित्व करती है बल्कि समाज में कानून और न्याय के महत्व को भी रेखांकित करती है।

11 टिप्पणि

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    Arman Ebrahimpour

    जुलाई 13, 2024 AT 20:08
    ये सब बस एक बड़ा षड्यंत्र है जो सरकार के खिलाफ चल रहा है। किसानों को बेचारा बनाया जा रहा है लेकिन असली बात ये है कि वो अपनी जमीन छीनने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस भी इनके साथ है। देखोगे अगले 7 दिनों में ये वीडियो हटा दिया जाएगा।
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    SRI KANDI

    जुलाई 14, 2024 AT 00:11
    इतनी तेज़ी से निष्कर्ष निकालने से पहले थोड़ा रुक जाएँ। वीडियो तो देखा गया है, लेकिन पूरी कहानी अभी बाकी है। शायद कुछ गलतफहमी हो गई हो।
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    Ananth SePi

    जुलाई 14, 2024 AT 15:12
    अरे भाई ये तो बस एक आधुनिक भारत की झलक है जहाँ एक आईएएस की माँ जिसके पास पिस्टल है और किसानों को डराती है और फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है और हम सब इसे एक राष्ट्रीय मुद्दा बना देते हैं। क्या हमारी जमीन पर भी ऐसा होगा जब हम अपनी बात नहीं बोल पाएंगे? क्या हम सब इस तरह के अधिकारों के लिए लड़ने को तैयार हैं? या फिर हम बस एक वीडियो के लिए चिल्लाएंगे और फिर भूल जाएंगे?
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    Gayatri Ganoo

    जुलाई 16, 2024 AT 08:26
    ये सब फेक है बस फेक ये वीडियो भी फेक है और किसान भी फेक हैं और पुलिस भी फेक है ये सब एक बड़ा ब्रांडिंग कैंपेन है जो किसी बड़े नेता के खिलाफ है जिसका नाम नहीं बताया जा रहा।
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    harshita sondhiya

    जुलाई 17, 2024 AT 13:58
    ये आईएएस की माँ ने जो किया वो बेहद अपराध है। जिस तरह से उसने पिस्टल निकाला वो देखकर दिल टूट गया। ये नहीं चलेगा। ये तो गुंडागर्दी है। इसकी फांसी होनी चाहिए।
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    Balakrishnan Parasuraman

    जुलाई 17, 2024 AT 17:53
    कानून के अनुसार यह घटना अत्यंत गंभीर है। आईएएस अधिकारी की माता द्वारा आयुध का दुरुपयोग भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के अंतर्गत आता है। यह एक राष्ट्रीय आत्मा के खिलाफ अपराध है। शासन के लिए यह एक आदर्श परीक्षण है।
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    Animesh Shukla

    जुलाई 18, 2024 AT 23:26
    क्या हम सच में इतने जल्दबाज़ हो गए हैं? क्या हम एक वीडियो के आधार पर एक व्यक्ति की पूरी जिंदगी को फाड़ देने को तैयार हैं? अगर वो वाकई पिस्टल निकाल रही हैं तो क्या उनके पास लाइसेंस नहीं था? क्या किसानों ने कोई ऐसा काम किया जिससे वो डर गईं? ये सवाल भी तो जरूरी हैं।
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    Abhrajit Bhattacharjee

    जुलाई 19, 2024 AT 13:52
    मैं इस घटना को बहुत गंभीरता से ले रहा हूँ। लेकिन ये भी सोचना चाहिए कि क्या वो महिला अपने खेत में अकेली थीं? क्या वो डर गईं? अगर वो अपनी सुरक्षा के लिए पिस्टल ले गईं तो ये गलत नहीं है। लेकिन अगर उन्होंने डराने के लिए इस्तेमाल किया तो ये गलत है। बस यही बात है।
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    Raj Entertainment

    जुलाई 20, 2024 AT 09:04
    दोस्तों बस एक बात कहूँ। अगर तुम खेत में जाओ और कोई तुम्हें डराने लगे तो तुम क्या करोगे? जिस तरह से आजकल किसानों के साथ व्यवहार किया जा रहा है वो ठीक नहीं है। लेकिन अगर एक माँ डर गई तो उसका क्या दोष? इसमें दोनों तरफ से बात होनी चाहिए।
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    Manikandan Selvaraj

    जुलाई 21, 2024 AT 09:23
    ये सब बस एक नाटक है जो किसी ने बनाया है और अब ये वीडियो फेक है और ये पिस्टल भी फेक है और ये किसान भी फेक हैं और ये आईएएस भी फेक है और ये पुलिस भी फेक है और ये सरकार भी फेक है और ये देश भी फेक है क्योंकि ये सब एक बड़ा अमेरिकी साजिश है जो भारत को तबाह करना चाहता है
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    Naman Khaneja

    जुलाई 22, 2024 AT 20:10
    बस थोड़ा धैर्य रखो दोस्तों। अगर वो महिला ने गलत किया तो उसे सजा मिलेगी। अगर किसानों को गलत बताया जा रहा है तो उनका नाम साफ हो जाएगा। सब कुछ सही हो जाएगा। बस इंतजार करो। ❤️

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