दीपावली 2024 मुहूर्त ट्रेडिंग: तिथि, समय, और ऐतिहासिक महत्व पर विस्तृत जानकारी
दीपावली मुहूर्त ट्रेडिंग का परिचय
दीपावली का पर्व न केवल रोशनी और उत्सव का समय है, बल्कि यह भारतीय शेयर बाजार में 'मुहूर्त ट्रेडिंग' के रूप में भी विशेष उल्लास लेकर आता है। इस परंपरागत सत्र का प्रारंभ मूल रूप से एक आर्थिक वर्ष के अंत के संकेत के रूप में होता है, और इसे फिर से नए साल की शुरुआत के तौर पर देखा जाता है। इसका खगोलीय और धार्मिक महत्व है, जिसमें निवेश को शुभ और मंगलकारी माना जाता है।
मुहूर्त ट्रेडिंग का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
मुहूर्त ट्रेडिंग की प्रथा सदियों पुरानी है, जब व्यापारिक समुदाय अपने वित्तीय खातों को दीपावली पर समाप्त कर के नए साल की शुरुआत करता था। वित्तीय समुदाय के लिए यह समय नए आरंभ का प्रतीक है, जिसमें पुराने ऋणों को निपटाया जाता है और भविष्य के लिए निवेश की योजनाएं बनाई जाती हैं। इसके पीछे विश्वास यह है कि इस शुभ समय में किया गया निवेश आगे चलकर आर्थिक लाभ और स्थायित्व प्रदान करता है।
दीपावली 2024 के लिए समय और तिथि
वर्ष 2024 में दीपावली मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन 1 नवंबर को निर्धारित किया गया है। शाम 6:00 बजे से 7:00 बजे तक यह सत्र चलेगा, जबकि अगला पूर्व-उद्घाटन सत्र 5:45 बजे से शुरू होगा। यह एक छोटा परंतु महत्वपूर्ण समय है, जब निवेशक अपने धन का निवेश कर नए वर्ष का आगाज करते हैं।
खास निवेशक और भागीदारी
मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में अक्सर खुदरा निवेशकों की सहभागिता अधिक होती है। ऐसा देखा गया है कि निवेशक इस समय छोटे, लेकिन प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण निवेश करते हैं, विशेष रूप से ब्लू-चिप और लार्ज-कैप शेयरों में। जबकि संस्थागत निवेशक और उच्च-अवृत्ति व्यापारी इस समय कम सक्रिय होते हैं, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम अपेक्षाकृत कम होता है।
मुहूर्त ट्रेडिंग का ऐतिहासिक प्रदर्शन
ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो इन सत्रों में सकारात्मक लाभ देखने को मिले हैं। बीएसई सेंसेक्स ने पिछले 17 में से 13 मुहूर्त सत्रों में उच्च स्तर पर समापन किया, और 2012 के बाद से, 9 में से 12 मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र सकारात्मक रहे हैं। हालांकि, मुहूर्त ट्रेडिंग के बाद का समय हमेशा इतना फायदा नहीं देता; पिछले 11 में से 7 वर्षों में सूचकांक में गिरावट देखी गई है।
निवेशकों के लिए सुझाव
जो लोग इस अवसर में भाग लेने की योजना बना रहे हैं, उन्हें सत्र की छोटी अवधि और संभावित अस्थिरता का ध्यान में रखना चाहिए। बाजार बंद होने से 15 मिनट पहले इंट्रा-डे पोजिशन्स स्वचालित रूप से समेट दी जाती हैं, जिससे कि रणनीति और समय का खास ध्यान रखा जाए। लंबे समय के निवेशक इस सत्र को नए निवेश शुरू करने या अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करने के अवसर के रूप में देखते हैं। उत्सव के माहौल के बीच ट्रेडिंग का यह पारंपरिक इवेंट एक अलग ही उमंग और रोमांच भरता है।
महत्वपूर्ण बिंदु
- तिथि: 1 नवंबर, 2024
- समय: शाम 6:00 से 7:00 बजे, 5:45 से 6:00 बजे प्री-ओपनिंग सत्र
- महत्व: हिंदू नववर्ष, संवत 2081 की शुरुआत और नए वित्तीय संकल्पों के लिए शुभ समय माना जाता है
- सहभागिता: खुदरा निवेशकों में अधिक लोकप्रिय, सामान्य ट्रेडिंग दिन की तुलना में कम वॉल्यूम
- ऐतिहासिक प्रदर्शन: अक्सर सकारात्मक रिटर्न देता है, लेकिन मुहूर्त ट्रेडिंग के बाद वाला समय हमेशा इतना लाभकारी नहीं होता
Roopa Shankar
नवंबर 1, 2024 AT 05:55दीपावली के मुहूर्त ट्रेडिंग में छोटा सा निवेश भी बहुत कुछ बताता है। मैं हर साल 500 रुपये का शेयर खरीदती हूँ, बस शुभ लगाने के लिए। इससे मन अच्छा लगता है और बाजार की ऊर्जा भी महसूस होती है।
shivesh mankar
नवंबर 2, 2024 AT 03:29ये मुहूर्त ट्रेडिंग वाली बात सच में अजीब है। एक घंटे में बाजार का रुख कैसे बदल जाएगा? लेकिन फिर भी, जब लाखों लोग एक ही समय पर ट्रेड करते हैं, तो ये खुद में एक प्रकार का जादू बन जाता है। बस यही तो भारत है।
avi Abutbul
नवंबर 3, 2024 AT 22:16मैंने पिछले साल इस ट्रेडिंग में भाग लिया था। बस 100 रुपये का रिलायंस शेयर खरीदा था। अब तक वो शेयर बैग में पड़ा है। लेकिन जब भी दीपावली आती है, मैं उसे निकालकर देख लेता हूँ। ये एक रिट्यूर्न नहीं, एक याद है।
Hardik Shah
नवंबर 4, 2024 AT 03:21इस बार भी लोग भगवान के नाम पर शेयर बाजार को धोखा दे रहे हैं। ऐतिहासिक रिटर्न? ये सब बकवास है। अगर तुम्हारी रणनीति नहीं है, तो तुम्हारा शुभ मुहूर्त भी तुम्हें बर्बाद कर देगा।
manisha karlupia
नवंबर 5, 2024 AT 06:27क्या हम सच में इतना भरोसा करते हैं कि एक घंटे के ट्रेडिंग से हमारा भविष्य तय हो जाएगा? या हम बस अपने डर को शुभता के नाम पर ढक रहे हैं? मैं अक्सर इस सवाल पर गहराई से सोचती हूँ।
vikram singh
नवंबर 5, 2024 AT 16:20दीपावली ट्रेडिंग? ये तो बाजार का दिवाली बर्फ वाला इन्स्टाग्राम फिल्टर है! एक घंटे में लाखों का फेक बुलिश बनाने की कोशिश, जबकि असली बाजार तो अगले हफ्ते गिर रहा होगा। ये जो लोग इसमें भाग लेते हैं, वो शायद रक्षा चाक के लिए भी शुभ मुहूर्त निकाल लेते हैं!
balamurugan kcetmca
नवंबर 7, 2024 AT 05:25मैंने इस ट्रेडिंग के बारे में बहुत सारे डेटा एकत्रित किए हैं। देखा गया है कि जब दीपावली अमावस्या के दिन आती है, तो बाजार की वॉल्यूम कम होती है लेकिन रिटर्न अधिक होता है, जबकि जब दीपावली पूर्णिमा के बाद आती है, तो वॉल्यूम ज्यादा होता है लेकिन रिटर्न अधिक अस्थिर होता है। ये चंद्रमा के चक्र और निवेशकों के मनोवैज्ञानिक व्यवहार के बीच एक गहरा संबंध है। इसका अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है।
Arpit Jain
नवंबर 8, 2024 AT 06:11मुहूर्त ट्रेडिंग? अरे भाई, अगर तुम्हारा बाजार शुभ मुहूर्त के लिए इंतजार कर रहा है, तो वो बाजार है नहीं, एक जादूगर का दुकान है।
Karan Raval
नवंबर 9, 2024 AT 01:37मैंने अपने बच्चों को इस दिन छोटे शेयर खरीदने के लिए बोला था। उन्होंने 10 रुपये का एचडीएफसी खरीदा। अब वो बताते हैं कि ये उनकी पहली निवेश कहानी है। ये ट्रेडिंग नहीं, ये एक सीख है।
divya m.s
नवंबर 11, 2024 AT 00:06ये सब बकवास है। अगर तुम इस ट्रेडिंग में भाग लेते हो तो तुम अपने पैसे को भगवान के हाथों में दे रहे हो। और जब तुम्हारा शेयर गिरता है, तो तुम ये कहते हो कि भगवान ने नहीं दिया। तुम्हारा विश्वास बेकार है।
PRATAP SINGH
नवंबर 11, 2024 AT 09:13मुहूर्त ट्रेडिंग एक अत्यंत अव्यवस्थित और अनैतिक प्रथा है जो आधुनिक वित्तीय विज्ञान के विरुद्ध है। किसी भी वैज्ञानिक रिसर्च में इसकी कोई वैधता नहीं है। मैं इसे एक अशिक्षित लोकप्रियता का उत्पाद मानता हूँ।
Akash Kumar
नवंबर 12, 2024 AT 18:23प्राचीन भारतीय ग्रंथों में वित्तीय चक्रों का उल्लेख विशेष रूप से अध्याय 5 में किया गया है, जिसमें नक्षत्रों के संगत व्यापारिक निर्णयों का वर्णन है। यह परंपरा वैदिक काल से जुड़ी है और वित्तीय ज्योतिष के अंतर्गत आती है। इसे अनदेखा करना एक सांस्कृतिक अनुचितता होगी।
Shankar V
नवंबर 14, 2024 AT 09:59ये सब एक बड़ा धोखा है। दीपावली के दिन बाजार में जो भी लाभ होता है, वो बड़े निवेशकों का जाल है। वो छोटे निवेशकों को शुभ मुहूर्त का भ्रम देकर ऊपर खींचते हैं, फिर जब बाजार बंद होता है, तो वो उन्हें नीचे गिरा देते हैं। ये एक फाइनेंशियल ऑपरेशन है।
Aashish Goel
नवंबर 15, 2024 AT 00:05मैंने देखा कि जब दीपावली ट्रेडिंग होती है, तो बहुत सारे नए लोग ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करते हैं... लेकिन अगले दिन वो सब अपने ऐप डिलीट कर देते हैं... जैसे बस एक ट्रेंड था... और फिर वो लोग बस दीपावली के लिए बने वाले गुड़ियों को भूल जाते हैं... क्या ये हमारी निवेश की आदत है? या बस एक फेस्टिवल बाजार? जरा सोचो... लेकिन नहीं, शायद नहीं... मैं तो बस देख रहा हूँ...